ये नींद का ना, कुछ समझ नहीं आता है – Hindi Shayari

ये नींद का ना, कुछ समझ नहीं आता है ,
कभी सैकड़ों करवटें बदल कर भी रात नहीं कटती ,
कभी पलक झपकते ही सवेरा हो जाता है।

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