ज़ुबान खामोश आँखों में नमी होगी

ज़ुबान खामोश आँखों में नमी होगी,
ये बस एक दास्तां-ए ज़िंदगी होगी !!
भरने को तो हर ज़ख्म भर जाएगा,
कैसे भरेगी वो जगह जहाँ तेरी कमी होगी

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