दीदार की आग, जब दिल में भड़कने लगती है – Sad Shayari

दीदार की आग, जब दिल में भड़कने लगती है
तुझे देखने को, मेरी आँखें तरसने लगती हैँ…

बादलों के बरसने का हमें, इंतजार नहीं रहता.
तेरी याद में ये आँखें, खुद ब॒ खुद बरसने लगती हैं..!

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *