चेहरा है मासूम तुम्हारा

चेहरा है मासूम तुम्हारा
ये आँखें कातिल है तेरी
हुश्न देख सकूँ मिला था
आँखें घायल करती है
कैसे हो ऐतबार तुम्हारा
तूं ही बता दे ए जिन्दगी ।

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