कब आपकी आँखों में हमें मिलेगी पनाह – Hindi Shayari

कब आपकी आँखों में हमें मिलेगी पनाह,
चाहे इसे समझो दिल्लगी या समझो गुनाह,
अब भले ही हमें कोई दीवाना करार दे,
हम तो हो गए हैं आपके प्यार में फ़ना।

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